अभिभावकों ने किया नगर पालिका अध्यक्ष जी का धन्यवाद-सरकारी स्कूल में वाणिज्य संकाय के शिक्षक की व्यवस्था की शक्ति के नगर पालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल ने, शिक्षक के आभाव में विद्यालय में नहीं लिया जा रहा था प्रवेश, श्याम सुंदर की पहल का अभिभावकों ने भी किया स्वागत



सरकारी स्कूल में वाणिज्य संकाय के शिक्षक की व्यवस्था की शक्ति के नगर पालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल ने, शिक्षक के आभाव में विद्यालय में नहीं लिया जा रहा था प्रवेश, श्याम सुंदर की पहल का अभिभावकों ने भी किया स्वागत
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती- नगर पालिका परिषद शक्ति के अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल शहर के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार अपना योगदान दे रहे हैं, विगत वर्ष भी नगर पालिका अध्यक्ष जी के द्वारा शहर के कसेर पारा में स्थित सरकारी स्कूल में शिक्षक के आभाव में अपने निजी व्यय से शिक्षक की उपलब्धता करवाई थी, तो इस वर्ष पुनः यही समस्या देखने को मिली, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शैक्षणिक सत्रव2025–26 में स्वामी आत्मानंद स्कूल कसेरपारा सक्ती में कॉमर्स विषय के शिक्षक के आभाव के कारण विद्यार्थियों के प्रवेश में गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई थी,कॉमर्स संकाय के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से स्कूल प्रबंधन द्वारा संबंधित विद्यार्थियों का एडमिशन नहीं लिया जा रहा था,जिससे छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल था।इसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष ने स्वयं पहल करते हुए अपने निजी व्यय से एक अस्थायी कॉमर्स शिक्षक की व्यवस्था की। पिछले एक वर्ष से यह वैकल्पिक व्यवस्था जारी है, जिससे विद्यार्थियों को विषय की पढ़ाई सुचारु रूप से मिल सकी और स्कूल ने कॉमर्स संकाय में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की।सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में स्कूल में दो अस्थायी शिक्षकों की व्यवस्था का भार नगर पालिका अध्यक्ष एवं स्कूल की प्राचार्या द्वारा वहन किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।बीते सत्र में बच्चों ने बताया कि स्कूल में भर्ती नहीं लिया जा रहा है। जिसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुन्दर अग्रवाल ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर समस्या का समाधान किया।नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुन्दर अग्रवाल ने अब उम्मीद जताई है कि आगामी बजट में स्कूल शिक्षा विभाग को मिली सर्वाधिक राशि के बाद प्रदेशभर में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके



