धान खरीदी केंद्रों के डाटा एंट्री ऑपरेटरो के पक्ष में उतरे नेता प्रतिपक्ष महंत जी, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, कहा कंप्यूटर ऑपरेटरों की समस्त मांगों को करें स्वीकृत,महंत जी ने कहा- संघ की मांगों पर अविलंब हो निर्णय, जिससे काम पर वापस लौट सके कर्मचारी


धान खरीदी केंद्रों के डाटा एंट्री ऑपरेटरो के पक्ष में उतरे नेता प्रतिपक्ष महंत जी, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, कहा कंप्यूटर ऑपरेटरों की समस्त मांगों को करें स्वीकृत
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ति- छत्तीसगढ़ प्रदेश में धान उपार्जन केंद्रों के कंप्यूटर ऑपरेटरो ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर शासन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद हड़ताल कर दी है, तो वही कर्मचारी संघ को छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत का समर्थन मिल गया है,महंत जी ने 14 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एक पत्र लिखकर धान उपार्जन केन्द्रों में कार्यरत डॉटा एन्ट्री आपरेटरों की मांगों को स्वीकार करने आग्रह किया है, नेता प्रतिपक्ष महंत ने अपने पत्र में कहा है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी 15 नवम्बर 2025 से प्रारंभ होनी है। प्रदेश में 2058 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के द्वारा 2739 धान खरीदी केन्द्रों के माध्यम से खरीदी का कार्य किया जाता है। धान खरीदी के कम्प्यूटरीकरण के कारण प्रत्येक केन्द्र में एक डॉटा एन्ट्री आपरेटर की नियुक्ति की जाती है। विगत वर्ष तक सभी डॉटा एन्ट्री आपरेटर को वर्ष के पूरे 12 माह का वेतन भुगतान किया जाता था परंतु 2025-26 में केवल छः माह का वेतन भुगतान विपणन संघ की निधि से किए जाने तथा इनकी नियुक्ति आउट सोर्सिंग के माध्यम से करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से क्षुब्ध होकर प्रदेश के समस्त डॉटा एन्ट्री आपरेटर हड़ताल पर चले गए हैं। उनकी मांग है कि पूरे 12 माह का वेतन दिया जाए तथा उनका नियमितिकरण किया जाए।
धान खरीदी केन्द्रों में कार्यरत डॉटा एन्ट्री आपरेटर 18 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी सुविधाओं में वृद्धि करने के बजाय कमी किया जाना अत्यधिक अन्यायपूर्ण है।प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं में धान खरीदी के अलावा भी पूरे वर्ष भर अनेक प्रकार के कार्य भी होते रहते हैं। अतः डॉटा एन्ट्री आपरेटर की सेवाओं की आवश्यकता रहती ही है, इनके बिना सहकारी संस्थाओं का कार्य सम्पन्न किया जा संभव नहीं है।धान खरीदी योजनांतर्गत भारत सरकार से प्रशासकीय व्यय मद अंतर्गतबहुत बड़ी राशि प्राप्ति योग्य होती है परन्तु राज्य सरकार के गलत निर्णयों के कारण उस राशि का पूरा उपयोग नही किया जाता फलस्वरूप प्रत्येक वर्ष 150 करोड़ रूपयों से अधिक राशि के लाभ से राज्य वंचित हो जाता है। यदि प्रशासकीय व्यय मद की पूरी राशि का उपयोग भारत सरकार की गाईड लाईन के अनुसार किया जाए तो डॉटा एन्ट्री आपरेटर के साथ-साथ धान खरीदी करने वाली सहकारी संस्थाओं के अन्य कर्मचारियों के वेतन का भी भुगतान किया जा सकता है,अतः आपसे अनुरोध है कि हड़ताली डॉटा एन्ट्री आपरेटर की एक मात्र मांग को पूर्ण किया जाए तथा प्रशासकीय व्यय मद की राशि का पूर्ण उपयोग ऊपर दिए गए सुझाव के अनुसार करने के लिए समुचित निर्णय तत्काल लिया जाए, जिससे कि हड़ताल समाप्त करके वे कार्यपर लौट सके



