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गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्मरण करते हुए किया नमन, राष्ट्रगान के रचयिता थे रविंद्र नाथ टैगोर जी,महंत जी ने कहा– रविंद्रनाथ जी ने करी थी शांतिनिकेतन की स्थापना

<em>गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्मरण करते हुए किया नमन, राष्ट्रगान के रचयिता थे रविंद्र नाथ टैगोर जी</em>,महंत जी ने कहा-- रविंद्रनाथ जी ने करी थी शांतिनिकेतन की स्थापना kshititech
प्रदेश के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में स्थापित गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जी की विशालकाय प्रतिमा
<em>गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्मरण करते हुए किया नमन, राष्ट्रगान के रचयिता थे रविंद्र नाथ टैगोर जी</em>,महंत जी ने कहा-- रविंद्रनाथ जी ने करी थी शांतिनिकेतन की स्थापना kshititech
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष महंत ने किया गुरु रविंद्रनाथ टैगोर जी की पुण्यतिथि पर स्मरण

गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्मरण करते हुए किया नमन, राष्ट्रगान के रचयिता थे रविंद्र नाथ टैगोर जी

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती- छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राष्ट्रगान के रचयिता, कवि, उपन्यासकार, नाटककार, चित्रकार रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर स्मरण करते हुए उन्हें याद किया।ल,डॉ. महंत ने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जी मानवतावादी विचारक थे, जिन्होंने साहित्य, संगीत, कला और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में अपनी अनूठी प्रतिभा का परिचय दिया। रवींद्रनाथ टैगोर भारत ही नहीं एशिया के प्रथम व्यक्ति थे, जिन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें 1913 में उनकी कृति गीतांजली के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनका मानना था कि छात्रों को प्रकृति के सानिध्य में शिक्षा हासिल करनी चाहिए, अपने इसी सोच को ध्यान में रख कर उन्होंने शांति निकेतन की स्थापना की थी। देश की उन्नति और प्रगति में उनका अमिट योगदान रहा है । उपरोक्त जानकारी विधानसभा अध्यक्ष डा चरणदास महंत के प्रतिनिधि नरेश गेवाडीन ने दी है

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