ओपनिंग और क्लोजिंग भी करेंगे अधिकारी, शक्ति जिला प्रशासन का निगरानी तंत्र- पूरी धान खरीदी पर लगाए हुए हैं पैनी नजर, कलेक्टर तोपनों ने कहा- अवैध काम होने पर नहीं बक्शे जायेंगे आरोपी, जिले के एक-एक अधिकारियों को लगा दिया गया है धान खरीदी की जिम्मेदारी में, प्रधान पाठक अनुपस्थित, जिला पंचायत सीईओ ने करी निलंबन की अनुशंसा




ओपनिंग और क्लोजिंग भी करेंगे अधिकारी, शक्ति जिला प्रशासन का निगरानी तंत्र- पूरी धान खरीदी पर लगाए हुए हैं पैनी नजर, कलेक्टर तोपनों ने कहा- अवैध काम होने पर नहीं बक्शे जायेंगे आरोपी, जिले के एक-एक अधिकारियों को लगा दिया गया है धान खरीदी की जिम्मेदारी में, प्रधान पाठक अनुपस्थित, जिला पंचायत सीईओ ने करी निलंबन की अनुशंसा
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती-जिले में धान खरीदी कार्य को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो एवं धान खरीदी नोडल अधिकारी श्री वासु जैन द्वारा जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों की महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई। आज आयोजित बैठक में धान खरीदी की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट, सख्त एवं समयबद्ध निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि नोडल अधिकारी अपनी अनिवार्य उपस्थिति में ही धान खरीदी कार्यों की ओपनिंग एवं क्लोजिंग कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी नोडल अधिकारी, एसडीएम एवं तहसीलदार कम से कम 10 प्रतिशत टोकनों का रैंडम सत्यापन अनिवार्य करें तथा बिना टोकन सत्यापन के किसी भी स्थिति में धान खरीदी न की जाए,कलेक्टर ने दो टूक कहा कि पात्र किसानों से एक-एक दाना धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए, लेकिन किसी भी प्रकार की अवैध खरीदी, बिचौलियों या कोचियों की संलिप्तता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, वहीं लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 31 जनवरी तक धान खरीदी के लिए जारी सभी टोकनों की रिपोर्ट नोडल अधिकारी अपने पास मंगाकर उनका पूर्ण सत्यापन सुनिश्चित करें। साथ ही 24, 25 एवं 26 जनवरी के शासकीय अवकाश के दौरान भी धान का फिजिकल वेरिफिकेशन करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों द्वारा धान विक्रय के पश्चात शेष बचे रकबे का समर्पण, धान बोरो की सिलाई, स्टेकिंग एवं स्टेंसिलिंग की कार्यवाही उसी दिन अनिवार्य रूप से पूर्ण कराई जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में धान खरीदी नोडल अधिकारी श्री वासु जैन, सभी धान खरीदी केंद्रों के लिए नियुक्त जिला स्तरीय नोडल अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे,कलेक्टर ने बताया कि 10 नोडल अधिकारियों पर एक सेक्टर अधिकारी की नियुक्ति भी कर दी गई है, जिससे धान खरीदी कार्य पर बेहतर नियंत्रण और निगरानी रखी जा सके। जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों को किसी भी प्रकार की शिकायत या समस्या की स्थिति में संबंधित सेक्टर अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार अथवा खाद्य विभाग के अधिकारियों को तत्काल सूचित करने के निर्देश दिए गए। धान खरीदी केंद्रों में सतत निगरानी के लिए कोटवारों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
अवैध धान खरीदी पर सख्ती: कोचियों पर जिला प्रशासन का करारा प्रहार, नहीं बख्शे जाएंगे दोषी
सक्ती-जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष और किसानों के हित में संचालित करने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए अवैध धान खरीदी, बिक्री और परिवहन में लिप्त कोचियों (बिचौलियों) के खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू कर दिया है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के स्पष्ट एवं सख्त निर्देशों के बाद प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ मैदान में उतर गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ कोचिए और बिचौलिये निजी लाभ के लिए किसानों को भ्रमित कर अवैध रूप से धान की खरीदी-बिक्री और परिवहन करने का प्रयास कर रहे हैं। इससे न केवल शासन की खरीदी व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि पात्र किसानों को उनके हिस्से का लाभ मिलने में भी बाधा उत्पन्न होती है। ऐसे तत्वों की गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त निगरानी तंत्र लागू कर दिया है। धान खरीदी केंद्रों से जुड़े प्रमुख मार्गों, सीमावर्ती क्षेत्रों और चेक पोस्टों पर पुलिस एवं प्रशासनिक टीमों को विशेष रूप से तैनात किया गया है। इन स्थानों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। परिवहन के दौरान यदि अवैध धान की आवाजाही, फर्जी कागजातों का उपयोग, किसानों के नाम पर धोखाधड़ी या किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि पाई जाती है, तो तत्काल जब्ती, एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने राजस्व, खाद्य, सहकारिता और पुलिस विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान शुरू किया है। नियमित निरीक्षण, आकस्मिक जांच और सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने कहा कि शासन की मंशा है कि जिले के हर पात्र किसान का एक-एक दाना धान निर्धारित समर्थन मूल्य पर ही खरीदा जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धान खरीदी में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा और किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के दबाव, लालच या बहकावे में न आएं और केवल अधिकृत खरीदी केंद्रों पर ही अपना धान बेचें। यदि किसी भी स्थान पर कोचियों की संदिग्ध गतिविधि, अवैध खरीदी-बिक्री या गड़बड़ी की सूचना मिले, तो तुरंत प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को या कंट्रोल रूम नंबर 07757-233470 पर कॉल करके अवगत कराएं। किसानों और आमजनों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जिले में धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाया जाएगा तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
कलेक्टर के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ ने शासकीय प्राथमिक शाला झालरौंदा का किया औचक निरीक्षण,औचक निरीक्षण में गैरहाजिर प्रधान पाठक पर कार्रवाई के लिए की अनुशंसा
सक्ती-कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ श्री वाशु जैन ने जैजैपुर विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला झालरौदा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्रधान पाठक को अनुपस्थित पाए जाने पर सीईओ श्री जैन ने उनके निलंबन (सस्पेंशन) की अनुशंसा कलेक्टर श्री तोपनो से की। निरीक्षण के दौरान श्री वाशु जैन ने विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों से संवाद किया और उनकी शैक्षणिक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों से हालचाल पूछते हुए क, ख, ग, बारहखड़ी, फलों के नाम, पशु-पक्षियों के नाम तथा गणित में जोड़-घटाव से संबंधित प्रश्न पूछे। कक्षा चौथी सहित अन्य कक्षाओं के बच्चों से भी विभिन्न रोचक सवाल पूछकर उनके ज्ञान स्तर का परीक्षण किया। सीईओ ने बच्चों से मध्यान्ह भोजन के संबंध में जानकारी लेते हुए पूछा कि भोजन में क्या-क्या परोसा गया तथा गुणवत्ता कैसी है। साथ ही बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। इसके पश्चात श्री जैन ने उपस्थित शिक्षकों से विद्यालय में दर्ज बच्चों की संख्या, कार्यरत शिक्षकों की संख्या की जानकारी ली तथा उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यालय में बच्चों के लिए उपलब्ध खेलकूद गतिविधियों एवं अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। औचक निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने विद्यालय में अनुशासन, नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



