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अपना घर बना बेघरों की उम्मीद, 3 साल में 400 को दिया आश्रय, 200 का पुनर्वास भी,30 मार्च 2023 को शकुंतला गोपाल फाउंडेशन द्वारा निर्मित गंगा सेवा सदन में शुरू किया गया आश्रम, 12 राज्यों में बेसहारों की कर रहे मदद

अपना घर बना बेघरों की उम्मीद, 3 साल में 400 को दिया आश्रय, 200 का पुनर्वास भी,30 मार्च 2023 को शकुंतला गोपाल फाउंडेशन द्वारा निर्मित गंगा सेवा सदन में शुरू किया गया आश्रम, 12 राज्यों में बेसहारों की कर रहे मदद kshititech
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में संचालित अपना घर आश्रम
अपना घर बना बेघरों की उम्मीद, 3 साल में 400 को दिया आश्रय, 200 का पुनर्वास भी,30 मार्च 2023 को शकुंतला गोपाल फाउंडेशन द्वारा निर्मित गंगा सेवा सदन में शुरू किया गया आश्रम, 12 राज्यों में बेसहारों की कर रहे मदद kshititech
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में संचालित अपना घर आश्रम

‘अपना घर’ बना बेघरों की उम्मीद, 3 साल में 400 को दिया आश्रय, 200 का पुनर्वास भी,30 मार्च 2023 को शकुंतला गोपाल फाउंडेशन द्वारा निर्मित गंगा सेवा सदन में शुरू किया गया आश्रम, 12 राज्यों में बेसहारों की कर रहे मदद

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती-छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बीते तीन वर्षों से बेघर, असहाय और मानसिक रूप से पीड़ित लोगों के लिए अपना घर आश्रम उम्मीद की एक मजबूत किरण बनकर उभरा है। देशभर में मानव सेवा के लिए पहचानी जाने वाली इस संस्था की स्थापना मूल रूप से डॉ. बी.एम. भारद्वाज द्वारा की गई थी। आज अपना घर आश्श्रम देश के 12 राज्यों में सेवा कार्यों का विस्तार कर चुका है और हजारों बेसहारा लोगों को नया जीवन दे रहा है।रायपुर में 30 मार्च 2023 को शकुंतला गोपाल फाउंडेशन द्वारा निर्मित गंगा सेवा सदन अपना घर आश्रम की शुरूआत की गई। इसके बाद से अब तक यह आश्रम 400 से अधिक बेघरों को आश्रय दे चुका है। वहीं 200 से अधिक लोगों का सफल पुनर्वास कर उन्हें उनके परिवारों से मिलाने या समाज की मुख्यधारा में वापस जोड़ने का कार्य किया गया है।

प्रभु जी के नाम से होती है पहचान

अपना घर आश्रम में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्रभु जी कहकर संबोधित किया जाता है। संस्था का मानना है कि हर इंसान ईश्वर का अंश है और उसे सम्मान, प्रेम और अपनापन मिलना चाहिए। आश्रम में रहने वाले प्रभुजियों को भोजन, वस्त्र, आवास, चिकित्सा सुविधा के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक सहारा भी दिया जाता है।

मानवता की मिसाल कर रहे पेश

अपना घर आश्रम रायपुर आज सिर्फ एक आश्रय स्थल नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और सेवा का केंद्र बन चुका है। सड़क पर दम तोड़ते जीवन को नई दिशा देना, मानसिक पीड़ा से जूझ रहे लोगों को अपनापन देना और समाज द्वारा छोड़े गए लोगों को फिर से सम्मान के साथ जीने का अवसर देना यही इस संस्था का मूल उद्देश्य है।

नया रायपुर में 2 एकड़ में फैला विशाल आश्रम

गंगा सेवा सदन के सहयोग से शुरू किया गया यह आश्रम नया रायपुर में एक निजी मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित है। लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में फैला यह आश्रम 220 बिस्तरों की क्षमता वाला है। यहां सड़कों पर भटक रहे, बीमार, मानसिक रूप से अस्वस्थ, उपेक्षित और विचलित लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित वातावरण में रखा जाता है।

इलाज, सेवा और पुनर्वास पर विशेष फोकस

आश्रम में डॉक्टरों और सेवाभावी कर्मचारियों की टीम द्वारा प्रभुजियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। गंभीर रूप से बीमार लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कर इलाज कराया जाता है। ठीक होने के बाद उनकी पहचान और पते का पता लगाकर परिजनों से संपर्क किया जाता है, ताकि उन्हें पुनः परिवार से जोड़ा जा सके। कई मामलों में परिजन न मिलने पर उन्हें सुरक्षित रूप से आश्रम में ही रखा जाता है।

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