कैसे होगा टारगेट पूरा-शक्ति के उप पंजीयक कार्यालय में मार्च इंडिंग में भी नहीं हो रही पर्याप्त रजिस्ट्रियां,सरकार द्वारा रजिस्ट्री पर 30% की छूट समाप्त कर दिए जाने का दिख रहा है प्रत्यक्ष असर, अप्रैल से बढ़ सकते हैं 10% रजिस्ट्री शुल्क, उसके बावजूद लोगों में रुचि नहीं


कैसे होगा टारगेट पूरा-शक्ति के उप पंजीयक कार्यालय में मार्च इंडिंग में भी नहीं हो रही पर्याप्त रजिस्ट्रियां,सरकार द्वारा रजिस्ट्री पर 30% की छूट समाप्त कर दिए जाने का दिख रहा है प्रत्यक्ष असर, अप्रैल से बढ़ सकते हैं 10% रजिस्ट्री शुल्क, उसके बावजूद लोगों में रुचि नहीं
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती-छत्तीसगढ़ प्रदेश में रियल स्टेट का कारोबार जहां जमकर चलता है, किंतु इस वर्ष मार्च महीना समाप्ति की ओर है किंतु नवगठित जिला मुख्यालय शक्ति के उप पंजीयक कार्यालय में वीरानी छाई हुई है, विगत वर्ष देखा जाए तो मार्च के महीने में एवरेज में तकरीबन प्रतिदिन 30 से 40 रजिस्ट्रियां छोटी- बड़ी होती थी, किंतु आज 26 मार्च हो गया है एवं मार्च समाप्त होने वाला है किंतु एवरेज में भी पांच रजिस्ट्री प्रतिदिन नहीं हो रही है,जिससे आखिरकार छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग का लक्ष्य कैसे पूर्ण होगा, वहीं सूत्रों का कहना है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में भाजपा की सुशासन वाली सरकार ने आते ही विगत सरकार द्वारा रजिस्ट्री पर दी जा रही 30% की छूट को समाप्त कर दिया है, एवं जिसके चलते आज लोग जमीनों की खरीदी- बिक्री तो कर रहे हैं किंतु रजिस्ट्री नहीं करवा रहे हैं, आखिरकार कहीं ना कहीं लोगों को यह इंतजार है कि मार्च महीने की समाप्ति के बाद शासन को कहीं ना कहीं अपने 30% छूट को समाप्त किए जाने के फैसले को वापस लेना पड़ेगा एवं फिर से आम नागरिकों को इस रजिस्ट्री में छठ का लाभ मिलेगा, किंतु यह तो आने वाला समय ही बताया कि सुशासन वाली सरकार रजिस्ट्री पर विगत वर्षों से चली आ रही छूट को समाप्त करती है कि नहीं करती है किंतु वर्तमान स्थिति में तो सरकार को जो निर्धारित राजस्व प्राप्ति का टारगेट है, उस पर कहीं ना कहीं टोटा पड़ा हुआ है, एवं उप पंजीयन कार्यालय में भी अधिकारी-कर्मचारी परेशान है तथा उन्हें भी चिंता की लकीरें हैं कि आखिरकार विगत वर्षों में हो रही भारी भरकम रजिस्ट्रियां इस वर्ष क्यों नहीं हो रही है
तथा 26 मार्च को भी हमारे संवाददाता ने जब उप पंजियक कार्यालय सकती में जाकर देखा तो वहां पूर्ण रूप से वीरानी छाई हुई थी तथा दोपहर 12:00 बजे भी उप पंजीयक साहब अपने दफ्तर में बैठे हुए थे एवं वहां के कर्मचारियों के पास कोई काम नहीं था वही उप पंजेक कार्यालय में स्टांप वेंडर एवं छोटे बड़े लोग जो की पंजीयन कार्यालय में अपना रोजगार चलाते हैं वे भी इस विरानी से परेशान है, तथा उनका भी कहना है कि ऐसी मंदी आखिरकार क्यों आई है यह समझ से परे है
उल्लेखित हो कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में साल 2023 में सुशासन वाली सरकार ने आने के बाद जहां रजिस्ट्री में भी पारदर्शिता लाने की दिशा में काफी फेरबदल कर दिया है, जिसके चलते वर्तमान में रजिस्ट्री करवाना भी काफी कठिन काम है, एवं पहले आसानी से रजिस्टार कार्यालय में जाकर दोनों पक्ष उपस्थित होते थे एवं गवाहों के समझ रजिस्ट्री हो जाती थी, किंतु वर्तमान स्थिति में रजिस्ट्री करवाने के लिए जमीन बेचने वाले के घर पर उप पंजीयक कार्यालय से अधिकारी पहुंचते हैं,एवं वहां मौके पर जमीन बेचने वालों की उस जमीन या मकान के साथ फोटो खींची जाती है, तथा सहमति ली जाती है, उसके बाद रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, जिसके चलते भी रजिस्ट्री का कार्य काफी प्रभावित हुआ है, किंतु शासन का मानना है कि ऐसा करने से कहीं ना कहीं प्रदेश में फर्जी तरीके से होने वाली रजिस्ट्रियां एवं गलत कामों पर रोक लगेगी, शासन का मानना अपनी जगह सही भी है, किंतु आम जनता के लिए रजिस्ट्री के दौरान प्रक्रियाओं की जटिलता बढ़ गई है
ज्ञात हो की छत्तीसगढ़ प्रदेश में रियल स्टेट का कारोबार काफी बड़े व्यापक रूप से होता है, जिससे शासन को भी जहां प्रतिवर्ष अरबो रुपए की प्राप्ति होती है,तो वहीं एक ही जमीन की बार-बार खरीदी बिक्री होने से उसका लाभ सरकार को सीधे तौर पर राजस्व प्राप्ति के रूप में मिलता है, एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश में जहां नए-नए बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स आ रहे हैं तथा जमीन अधिग्रहण भी हो रही है, जिससे भी जमीनों का काम काफी लंबे चौड़े स्तर पर चल रहा है. वहीं छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग द्वारा भी पिछले वर्षो रजिस्ट्री में पारदर्शिता लाने की सोच से ऑनलाइन रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी, जिसके तहत सभी स्थानों पर जहां ई रजिस्ट्री के लिए स्टांप पेपर उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई तो वहीं पूर्व में चली आ रही मैन्युअल स्टांप पेपर की व्यवस्था वर्तमान में लगभग समाप्त हो चुकी है, तथा दस्तावेज लेखक संघ ने भी पिछले दिनों ऑनलाइन रजिस्ट्री एवं शासन की जटिल प्रक्रियाओं को लेकर इसका विरोध भी किया था तथा शासन से इसमें संशोधन की मांग भी की थी
वहीं सूत्रों का कहना है कि 1 अप्रैल 2025 से छत्तीसगढ़ प्रदेश में रजिस्ट्री की दरों में लगभग 10% की वृद्धि सरकार करने वाली है, किंतु इस 10% वृद्धि की खबरों के बावजूद बहुत से उप पंजीयक कार्यालयो में रजिस्ट्री ना होना समझ से परे है, आखिरकार सरकार रियल स्टेट के कारोबार को चमकाने की बजाय कहीं ना कहीं डाउनफॉल पर लाना चाहती है, ऐसा लोगों का कहना है, किंतु यह तो शासन का अपना विषय है कि शासन अपना खजाना भरने के लिए क्या नए निर्णय लेती है, और किन बातों को संशोधित कर अपनी राजस्व प्राप्ति की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए प्रयास करती है