शिव की कैसे होगी नैय्या पार- महंत के गढ़ में भाजपा को दिख रहा खुला मैदान- शक्ति विधानसभा में सुस्त पड़ा है कांग्रेस का चुनाव प्रचार, महंत डटे कोरबा में धर्मपत्नी को जिताने, भूपेश सरकार में होर्डिंग के प्रचार में अव्वल रहने वाली कांग्रेस के नहीं देख रहे चुनावी होर्डिंग, नहीं सुनाई दे रही जय जय चरण की गूंज




शिव की कैसे होगी नैय्या पार- महंत के गढ़ में भाजपा को दिख रहा खुला मैदान- शक्ति विधानसभा में सुस्त पड़ा है कांग्रेस का चुनाव प्रचार, महंत डटे कोरबा में धर्मपत्नी को जिताने, भूपेश सरकार में होर्डिंग के प्रचार में अव्वल रहने वाली कांग्रेस के नहीं देख रहे चुनावी होर्डिंग, नहीं सुनाई दे रही जय जय चरण की गूंज
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ति- आज शाम लोकसभा चुनाव का बिगुल बजाने वाला है, तथा भारत निर्वाचन आयोग की आचार संहिता लगकर चुनावी कार्यक्रम की घोषणा हो जाएगी, किंतु जांजगीर- चांपा लोकसभा क्षेत्र के आठो विधानसभा में पहली बार कांग्रेस ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर अपना विधायक बनाया है, किंतु लोकसभा के चुनाव में जहां कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार में नगरीय प्रशासन मंत्री का काम का संभालने वाले डॉक्टर शिव कुमार डहरिया को अपना चेहरा बनाकर मैदान में उतारा है,तथा राजनीतिक सूत्रों की माने तो पूर्व में डॉक्टर शिव कुमार डहरिया जांजगीर चांपा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर हर भी चुके हैं, किंतु इसके बावजूद कांग्रेस ने उनके नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित किया,किंतु वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी जहां चुनाव प्रचार के मामले में आगे निकलते जा रही है, तथा भाजपा की प्रत्याशी कमलेश जांगड़े संसदीय क्षेत्र के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक राउंड जनसंपर्क भी कर चुकी है, तो वहीं इस तुलना में कांग्रेस का प्रचार अभियान फीका नजर आ रहा है
जांजगीर चांपा लोकसभा क्षेत्र की माने तो यहां शक्ति विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीत कर तथा पूरे लोकसभा क्षेत्र में अपने प्रभाव से आठो सीटों पर विधानसभा में जीत दर्ज करने में सहायक बने डॉक्टर चरणदास महंत के जिम्मे में पूरे संसदीय क्षेत्र की चुनाव की जिम्मेदारी अघोषित रूप से मानी जा सक्ति है, किंतु वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष महंत की धर्म पत्नी ज्योत्सना महान कोरबा से दोबारा लोकसभा चुनाव के मैदान में हैं, एवं वर्तमान स्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि नेता प्रतिपक्ष महंत कोरबा लोकसभा क्षेत्र जो कि प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को देखा जाए तो हॉट सीट कहीं जा सकती है, क्योंकि इस सीट पर भाजपा की पूर्व में राष्ट्रीय महासचिव रही एवं सांसद रही श्रीमती सरोज पांडेय भाजपा से उम्मीदवार है, तथा चुकी कोरबा शहर से भी भाजपा का ही विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन में लखन लाल देवांगन मंत्री हैं, इस नाते से कोरबा लोकसभा क्षेत्र कांग्रेस के लिए चुनौती से कम नहीं है, भले ही 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी ज्योतिनंद दुबे कांग्रेस प्रत्याशी ज्योत्सना महंत से परास्त हो गए थे, किंतु अब राजनीतिक परिस्थितिया बदल गई है एवं महंत परिवार के लिए भी लोकसभा का चुनाव जीतना आसान नहीं है, इस नाते से महंत भी अपनी पूरी ऊर्जा कोरबा में लगाए हुए हैं, तथा लोगों का कहना है की शक्ति विधानसभा क्षेत्र से भी सैकड़ो की संख्या में कांग्रेस के बड़े नेता एवं कार्यकर्ता कोरबा लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर जाकर चुनाव प्रचार करेंगे तो आखिरकार शक्ति विधानसभा की कमान कांग्रेस से कौन संभालेगा, इसे लेकर बड़ा सवालिया निशान लग गया है
एवं एक समय छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार में होर्डिंग एवं प्रचार की राजनीति में अग्रणी दिखने वाली कांग्रेस का प्रचार अभियान वर्तमान लोकसभा चुनाव को लेकर ठंडा नजर आ रहा है, तथा शक्ति शहर में तो कांग्रेस प्रत्याशी की फोटो वाले इक्का दुक्का होर्डिंग को छोड़कर कांग्रेस का कहीं नामो निशान नहीं है, एवं जिस तरह से शक्ति महंत का गढ़ है इस नाते से जो राजनैतिक प्रचार शक्ति विधानसभा क्षेत्र में दिखना चाहिए ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा है, जिससे लोगों का कहना है कि आखिर कांग्रेस के शिव की नैय्या कैसे पार लगेगी, वहीं लोकसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस में भले ही शहर के बाराद्वार रोड में जिला कांग्रेस अध्यक्ष के स्वयं के निवास पर कार्यालय खोल दिया है किंतु यह कार्यालय बंद ही नजर आता है, तथा वर्तमान में देखा जाए तो शक्ति जिले के ही शक्ति, डभरा में कांग्रेस के निकाय अध्यक्ष हैं किंतु इसके बावजूद प्रचार अभियान का ठंडा नजर आना अनेको सवालिया निशान को खड़ा करता है
वहीं दूसरी ओर प्रदेश में सत्ता बदलते ही जहां कांग्रेसी बीजेपी का दामन थामने होड़ मचाए हुए हैं तथा आए दिन कांग्रेस एवं अन्य राजनीतिक दलों के नए-नए चेहरे भाजपा प्रवेश कर रहे हैं, तो इससे ऐसा लगता है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के लिए जांजगीर चांपा लोकसभा संसदीय क्षेत्र का पूरा मैदान साफ है, तथा लगभग 200000 वोटो से बीजेपी जीत दर्ज करेगी, वहीं कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के समय मीडिया की राजनीति में हावी रहने वाले कांग्रेसी भी ठंडे पड़े हैं, तथा कांग्रेसी भाजपा सरकार के खिलाफ किसी भी प्रकार के मुद्दे खोज नहीं पा रहे हैं,और ना ही किसी प्रकार की बयान बाजी कर पा रहे हैं, एवं जिस ढंग से कांग्रेसियों का भाजपा प्रवेश चल रहा है, उससे यह बात तो स्पष्ट है कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी कांग्रेस के और कई बड़े चेहरे भाजपा की ओर आकर्षित हो सकते हैं, तथा भाजपा ने भी कांग्रेसियों के लिए प्रवेश करने अपने दरवाजे खोल रखे हैं