वित्त मंत्री चौधरी साहब ने कमाल कर दिया- एक झटके में पूरे प्रदेश में जमीनों की रजिस्ट्री हो गई सस्ती। आम जनता को मिली बड़ी राहत। प्रदेश वासियों ने किया चौधरी साहब का धन्यवाद। फिर से चमकेगा अब जमीनों का बाजार। आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा



वित्त मंत्री चौधरी साहब ने कमाल कर दिया- एक झटके में पूरे प्रदेश में जमीनों की रजिस्ट्री हो गई सस्ती। आम जनता को मिली बड़ी राहत। प्रदेश वासियों ने किया चौधरी साहब का धन्यवाद। फिर से चमकेगा अब जमीनों का बाजार
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ के विधायक ओपी चौधरी ने एक झटके में ही प्रदेश वासियों को बड़ी राहत दे दी है।विगत एक लंबे समय से जहां प्रदेश में रजिस्ट्री की दरों को लेकर आम जनता में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थी। तो वहीं वित्त मंत्री जी ने विधानसभा के सत्र में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश की जनता को एक बड़ा तोहफा दे दिया है।छत्तीसगढ़ में जमीन खरीदने और बेचने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए जमीनों की रजिस्ट्री पर लगने वाले 12% अतिरिक्त उपकर को समाप्त कर दिया है.यह फैसला 20 मार्च 2026 को विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन पारित किए गए संशोधन विधेयक के बाद लागू हुआ.
सरकार का बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओपी चौधरी के सुझाव पर राज्य सरकार ने यह कदम आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और निवेश को आसान बनाने के उद्देश्य से उठाया है. अब नागरिकों को स्टांप शुल्क के अलावा कोई अतिरिक्त उपकर नहीं देना होगा, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया पहले की तुलना में सस्ती हो जाएगी.
करोड़ों लोगों को होगा फायदा
इस फैसले से राज्य की लगभग 3 करोड़ जनता को सीधा लाभ मिलेगा. अनुमान है कि हर साल लोगों को करीब 147 से 150 करोड़ रुपये तक की बचत होगी, जिससे आम आदमी पर आर्थिक बोझ कम होगा.
पहले क्यों लगाया गया था उपकर
यह 12% उपकर पिछली सरकार द्वारा राजीव गांधी युवा मितान क्लब योजना के लिए लगाया गया था. हालांकि, इस योजना को लेकर पारदर्शिता और सही क्रियान्वयन पर सवाल उठते रहे.
विपक्ष के आरोप
विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया कि करीब 52 करोड़ रुपये के उपयोग में पारदर्शिता नहीं बरती गई. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मामले की जांच और राशि की रिकवरी की मांग भी की.
अंततः विधेयक पारित
तीखी बहस के बाद सदन ने इस विधेयक को पारित कर दिया. अब राज्य में जमीन की रजिस्ट्री करना पहले से आसान और सस्ता हो जाएगा, जिससे रियल एस्टेट क्षेत्र में भी नई गति आने की उम्मीद है.


