महाविद्यालयों की जिला स्तरीय नोडल कार्यशाला हुई संपन्न,जेठा के शासकीय क्रांति कुमार भारतीय महाविद्यालय में हुआ आयोजन, प्रोफेसर सोमेश घिटोडे ने दी जानकारी




महाविद्यालयों की जिला स्तरीय नोडल कार्यशाला हुई संपन्न,जेठा के शासकीय क्रांति कुमार भारतीय महाविद्यालय में हुआ आयोजन, प्रोफेसर डॉ सोमेश घिटोडे ने दी जानकारी
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर,
सक्ती-शासकीय क्रांति कुमार भारतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सक्ती में , स्वच्छता और आवारा पशुओं की पर्यवेक्षण हेतु सक्ती जिला के समस्त महाविद्यालयों का जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों का कार्यशाला संपन्न हुई है,सक्ती जिला स्तरीय नोडल अधिकारी प्रो सोमेश कुमार घिटोड़े ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार उच्च शिक्षा विभाग के पत्रानुसार यह कार्यशाला आयोजित किया गया जिसमें जिला स्वास्थ्य विभाग,जिला पशुधन विभाग और नगरपालिका सक्ती और समस्त महाविद्यालयों के संयुक्त तत्वाधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम का आरंभ बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा अर्चना से किया गया तत्पश्चात समस्त अतिथियों का बैच लगाकर स्वागत किया गया। सबसे पहले स्वागत भाषण संस्था के प्राचार्य डॉ डी पी पाटले के संबोधन से हुआ जिसमें उन्होंने सभी को बसंत पंचमी की शुभकामना देते हुए समस्त अतिथियों का धन्यवाद दिया और कहा कि यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है जो कि उच्च शिक्षा विभाग के आदेशानुसार आवारा पशुओं की पर्यवेक्षण हेतु आयोजित किया जा रहा है जिससे किसी भी प्रकार की समस्या संस्था स्तर पर न हो सभी सुरक्षित रहे।जिला स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर आर के राज ने बताया कि हम सबकी जिम्मेदारी है कि संस्था या घर जहां भी हो आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए जागरूक रहे ,परिसर में कुत्तों का प्रवेश न हो पाए इसकी समुचित व्यवस्था संस्था प्रमुख की जिम्मेदारी है ,साथ ही यदि कुत्तों के द्वारा किसी को काट दिया गया हो तो तत्काल नजदीकी अस्पताल में संपर्क करे और इलाज कराए।तत्पश्चात डॉक्टर शशि गर्ग सहायक नोडल अधिकारी ने रेबीज के बारे में विस्तार से बताया कि कब कब इसकी जरूरत पड़ती है ,इसके लक्षण क्या क्या है और निदान क्या हो सकता है इस पर बताया गया।जिला पशु चिकित्सा विभाग से उपसंचालक डाक्टर नदीम शम्स ने संक्रमित कुत्ते और काटने के बाद इंसान में क्या क्या बदलाव आते है उसके बारे में बताया गया ।उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर विषय है जिसके रोकथाम की जिम्मेदारी हम सब की है ।इसके पश्चात अतिरिक्त उपसंचालक डाक्टर ए के गबेल ने बताया कि संक्रमण के 3 अवस्थाएं होती है और सभी के लक्षण अलग अलग है जिससे हम उसकी पहचान कर सकते है उन्होंने बताया कि यह रेबीज का वैक्सीन जीवित और मृत दो प्रकार का होता है ।रेबीज का संक्रमण इंसान और कुत्तों दोनों में होता है साथ ही यह बिल्ली बंदर के काटने ,शरीर के खुरचे हुए भाग को चाटने से भी होता है इसलिए सचेत रहे उनके जूठा को किसी भी स्थिति में न खाए न खिलाए।यह नस के माध्यम से फैलता है और पता लगाने में हमको बरसों लग जाते है कि यह किस स्तर में है।उन्होंने अपील की आप सभी इसका प्रचार प्रसार करे ताकि इससे बचा जा सके ।यह लाइलाज है। डॉ विजय लहरें ने भी इस विषय पर अपनी बात रखी कि सुरक्षा ही इसका बचाव है और तत्काल नजदीकी अस्पताल में जाए और इलाज कराए। डॉक्टर डी एन कुर्रे ने भी सभी को रेबीज के बारे में जानने को कहा और आसपास आवारा पशुओं कुत्तों की निगरानी करे और कोई संक्रमित लगे तो इसकी सूचना विभाग को तत्काल देवे।कार्यक्रम में जिला नोडल अधिकारी प्रो सोमेश कुमार घिटोड़े ने बताया कि हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम अपनी संस्था को पहले सुरक्षित चारदीवारी की व्यवस्था के लिए शासन को पत्र लिखे साथ ही खाने पीने की चीजें संस्था के नजदीक न फेंके और सभी विभागों से सामंजस्य बनाते हुए निदान के लिए सहयोग करे।साथ ही उन्होंने सभी महाविद्यालयों में कार्यशाला आयोजित करने को कहा । अंत में अतिथियों का कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन प्रो सोमेश कुमार घिटोड़े ने किया।कार्यक्रम में जिला के शासकीय महाविद्यालय जैजैपुर के प्राचार्य यू एस बंजारे, शासकीय वेदराम महाविद्यालय मालखरौदा से डॉक्टर कौशल्या मैत्री शासकीय महाविद्यालय शक्ति से आशुतोष तिवारी, शासकीय महाविद्यालय डभरा से प्रो पीताम्बर सिंदर प्रो डॉक्टर रोशन नामदेव और शासकीय महाविद्यालय हसौद से प्रो सरिता पांडे से प्रो प्रो डॉ शकुंतला राज प्रो अजय देवांगन प्रो हेमपुष्पा चंद्रा प्रो ऋतु पटेल प्रो यज्ञ राठिया प्रो सविता चंद्र प्रो सीमा साहू प्रो मनोज जायसवाल प्रो जी एस मैत्री प्रो संतोष जांगड़े प्रो डॉ हरिशंकर रजक प्रो डॉ टी पी टंडन प्रो डॉ विद्या राय सागर जलेश्वर पटेल , प्रो डॉ ज्योति कुशवाहा, प्रो एस अनंत सहित स्टाफ और छात्र छात्राएं शामिल हुए।



