
डिजिटल अरेस्ट कोई कानून नहीं. साइबर फ्रॉड से रहे सतर्क, आपकी सतर्कता ही आपकी है सुरक्षा- आईपीएस प्रफुल्ल कुमार ठाकुर. 5 अप्रैल को कलेक्ट्रेट सभागार में हुआ साइबर फ्रॉड एवं डिजिटल साक्ष्य पर कार्यशाला का आयोजन।एडवोकेट सामाजिक कार्यकर्ता चितरंजन पटेल ने करी थी पहल. कलिंगा यूनिवर्सिटी के भी साइबर विशेषज्ञ रहे मौजूद



डिजिटल अरेस्ट कोई कानून नहीं. साइबर फ्रॉड से रहे सतर्क, आपकी सतर्कता ही आपकी है सुरक्षा- आईपीएस प्रफुल्ल कुमार ठाकुर. 5 अप्रैल को कलेक्ट्रेट सभागार में हुआ साइबर फ्रॉड एवं डिजिटल साक्ष्य पर कार्यशाला का आयोजन।एडवोकेट सामाजिक कार्यकर्ता चितरंजन पटेल ने करी थी पहल. कलिंगा यूनिवर्सिटी के भी साइबर विशेषज्ञ रहे मौजूद
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -शक्ति जिले के सामाजिक कार्यकर्ता एवं सीनियर एडवोकेट चितरंजन पटेल ने 5 अप्रैल को जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभागार में साइबर फ्रॉड एवं डिजिटल साक्ष्यप पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया. इस कार्यशाला में जहां कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रमुख विशेषज्ञ मौजूद रहे तो वहीं जिला पुलिस शक्ति के भी अधिकारी. कर्मचारी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ वीणा वादिनी मां सरस्वती के तेल चित्र पर दीप प्रज्वलन कर एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ तत्पश्चात कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन देते हुए आयोजक एडवोकेट चितरंजन प्रसाद पटेल ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर फ्रॉड की बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए जागरूकता की नितांत आवश्यकता है जिसे देखते हुए आज इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। एवं इस कार्यशाला में पधारे सभी सम्माननीय अतिथियों का मैं स्वागत करता हूं। वही कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि की आसंदी से शक्ति जिले के जिला पुलिस अधीक्षक आईपीएस प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर फ्रॉड की घटनाओं को देखते हुए हमारी सतर्कता ही हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है। डिजिटल दुनिया में जहां इसकी अच्छाइयां भी हैं। तो बुराइयां भी हैं। हमें अच्छाइयों को ग्रहण करते हुए बुराइयों से बचकर रहना है। एवं डिजिटल अरेस्ट का कोई कानून नहीं होता लेकिन आज सोशल मीडिया के माध्यम से लोग़ डिजिटल अरेस्ट की बात कहते हुए लाखों- करोड़ों रुपए की ठगी कर ले रहे हैं।तथा इस ठगी का शिकार विशेष कर सीनियर सिटीजन एवं सेवानिवृत होने वाले अधिकारी- कर्मचारी होते हैं तथा हमें इन सबसे बचाना है। एसपी साहब ने कहा कि कभी भी कोई भी सरकारी संस्था ऑनलाइन फॉर्मेलिटी करने को नहीं कहती। किंतु ऐसा यदि कोई आपको कहता है।तो निश्चित रूप से वह आपके साथ साइबर फ्रॉड कर रहा है। एवं वर्तमान समय में व्हाट्सएप के माध्यम से वीडियो कॉल से भी लोगों को ब्लैकमेलिंग करने का काम चल रहा है। हमें ऐसे अनजाने वीडियो कॉल को अटेंड नहीं करना चाहिए तथा इन वीडियो कॉल से बचें वहीं एसपी साहब ने कहा की शक्ति जिले में भी पुलिस प्रशासन लगातार साइबर मामलों पर अपराधियों तक पहुंचने की दिशा में पहल कर रहा है। किंतु इसके बावजूद हमें और अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है। एसपी साहब ने कार्यशाला में उपस्थित जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र के पुलिस अधिकारी- कर्मचारियों को भी साइबर मामलों को लेकर एक-एक तकनीकी जानकारी से अवगत होने की भी बात कही. तथा एसपी साहब ने विगत दिनों कानपुर से पकड़कर लाए गए साइबर मामले के आरोपी अंकित तिवारी के बारे में भी जानकारी दी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एवं आभार प्रदर्शन करते हुए कलिंगा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ आर श्रीधर ने कहा कि एक संस्था ही दूसरे संस्था को डाटा उपलब्ध करवाती है। एवं सबसे ज्यादा फ्रॉड दुनिया के कंबोडिया से किया जा रहा है। तथा कंबोडिया में घर-घर में लोग ऐसे फ्रॉड के काम में जुटे हुए हैं। डॉक्टर आर श्रीधर ने कहा कि साइबर घटनाए दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। तथा साइबर अपराधों के लिए समय-समय पर कानून में संशोधन भी हो रहा है। किंतु इन कानूनो में संशोधन के बावजूद हमारी सतर्कता- सावधानी ही हमारा बचाव है एवं हम सतर्क रहें-सावधान रहें। तभी साइबर अपराधों से बच सकते हैं। एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर के साइबर विशेषज्ञ ने बताया कि साइबर अपराधों को लेकर भारत में काफी बदलाव आया है। एवं कानून को भी इतना स्ट्रांग बनाया गया है। किंतु साइबर अपराधियों के अपराध करने के अलग-अलग नए-नए तरीकों के चलते हम इस डिजिटल दुनिया में कहीं ना कहीं हम इसके शिकार हो जाते हैं। किंतु हम सभी को इसके लिए सावधान रहना चाहिए तथा सोशल मीडिया में लगातार हम सक्रिय रहे एवं अपने सोशल मीडिया अकाउंट को टू स्टेप वेरिफिकेशन कर रखें तथा विधि विशेषज्ञों ने देश में साइबर फ्रॉड के क्षेत्र में आज पर्यंत तक हुए महत्वपूर्ण मामलों का भी विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए उपस्थित लोगों को अवगत कराया। तथा बताया कि इन मामलों में संबंधित न्यायालय द्वारा जो आदेश दिए गए हैं उनके फैसले से हमें अच्छी तरह से अवगत होना एक बहुत बड़ी जागरूकता है। तथा किस तरह से साइबर अपराधी अपना काम कर सफल हो जाते हैं। ऐसे में हमको अपना बचाव करना चाहिए
एक दिवासी कार्यशाला में पहुंचे सभी लोगों का पंजीयन कलिंगा यूनिवर्सिटी द्वारा किया गया तथा सभी को सम्मान स्वरूप डायरी एवं पेन भी प्रदान की गई तथा कार्यशाला के समापन के पश्चात आगंतुकों के लिए स्वल्पाहार की भी सुंदर व्यवस्था की गई एवं खुला सत्र का भी आयोजन किया गया जिसमें कार्यशाला में उपस्थित अधिवक्तागण। मीडिया के साथी। आम नागरिकों एवं पुलिस प्रशासन के भी अधिकारी- कर्मचारियों ने उपस्थित साइबर विधि विशेषज्ञों से साइबर अपराधों को लेकर अपनी जिज्ञासा प्रकट की तथा विभिन्न मामलों पर उनसे जानकारियां भी ली। जिले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने साइबर फ्रॉड एवं डिजिटल साक्ष्यप पर आयोजित कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता चितरंजन पटेल का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कहा कि श्री पटेल जी के द्वारा वर्तमान में ज्वलंत विषय पर इतनी सुंदर कार्यशाला का आयोजन किया गया है। निश्चित रूप से यह एक अच्छा प्रयास है। कार्यक्रम में मंच पर प्रमुख रूप से जिले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस शक्ति श्रीमती डॉक्टर भुवनेश्वरी पैंकरा। कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़ के डॉ आर श्रीधर। एडवोकेट एवं सामाजिक कार्यकर्ता चितरंजन प्रसाद पटेल। कलिंगा यूनिवर्सिटी के विधि विशेषज्ञ मेहता मैडम एवं अन्य लोग मौजूद रहे तथा इस कार्यक्रम में काफी संख्या में अधिवक्ता साथी। पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक तथा जिला पुलिस शक्ति के विभिन्न थाना क्षेत्र से भी पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे





