चेक बाउंस के मामलों में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्णय, सुप्रीम कोर्ट का संदेश- उद्देश्य सजा नहीं, लेनदेन का है निपटारा


चेक बाउंस के मामलों में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्णय
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती- देश भर के विभिन्न स्थानों पर आए दिन चेक बाउंस की घटनाओं पर दर्ज होने वाले प्रकरणों में सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है, तथा इस फैसले से जहां मामलों के त्वरित निराकरण की दिशा में भी पहल हो सकेगी, तो वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चेक बाउंस नामलो में साक्ष्य दर्ज होने से पहले राशि देने पर केस बंद हो सकता है,सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस मामलों में एक बड़ा बदलाव किया है अब यदि आरोपी साक्ष्य दर्ज होने से पहले चेक की राशि चुका देता है, तो ट्रायल कोर्ट केस को बंद कर सकता है।कोर्ट ने कहा कि देशभर में चेक बाउंस के लाखों लंबित मामलों की वजह से न्याय प्रणाली पर बोझ बढ़ रहा है, इसलिए प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाना जरूरी है
चेक बाउंस की घटनाओं पर अब होगा नया नियम
यदि आरोपी पहली सुनवाई या साक्ष्य शुरू होने से पहले चेक की राशि + जुर्माना जमा कर देता है, तो अदालत केस समाप्त कर सकती है।मजिस्ट्रेट ऐसे मामलों में समझौते या भुगतान की पुष्टि होने पर मामले को क्लोज़ कर देंगे।केवल उन्हीं मामलों में ट्रायल चलेगा, जहां आरोपी राशि देने से इंकार करे या भुगतान विवादित हो।अदालतों को निर्देश दिया गया है कि चेक बाउंस मामलों को तेजी से निपटाया जाए और बेवजह लंबित न रखा जाए।सुप्रीम कोर्ट का संदेश स्पष्ट-उद्देश्य सज़ा नहीं, लेनदेन का निपटारा है।


