बड़ी खबर- देश के मुस्लिम समाज के युवाओं को दिल्ली में होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से दूर रहने की अपील कारी मौलाना बरेलवी ने.




बड़ी खबर- देश के मुस्लिम समाज के युवाओं को दिल्ली में होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से दूर रहने की अपील कारी मौलाना बरेलवी ने
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है. CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला है. शनिवार को होने वाले इस प्रदर्शन से पहले ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने मुस्लिम युवाओं से अपील की है कि वे इस प्रदर्शन से दूर रहें. जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का कहना है कि मुस्लिम लड़के इस हंगामे से दूर रहें और गलती से भी वहां न जाएं. मौलाना ने मां-बाप से अपील करते हुए कहा वो अपने बच्चों को भी समझाएं कि वे धरना-प्रदर्शन में न जाएं.डॉ. उमर अहमद इलियासी बोले ‘किसी भी प्रदर्शन में हिस्सा ना लें’ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के प्रमुख डॉ. उमर अहमद इलियासी ने भी मुस्लिम युवाओं से अपील की है कि ‘वे किसी भी ऐसे प्रोटेस्ट, प्रदर्शन या जमावड़े में हिस्सा न लें, जिससे हमारे प्यारे देश में तनाव, अशांति या शांति और सद्भाव में खलल पड़े.’मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मीडिया के लिए एक बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने इस अपील के पीछे की वजह भी बताई. उन्होंने कहा, ‘धरना-प्रदर्शन करना हर व्यक्ति का अधिकार है, मगर हिंसा करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती. मौलाना ने बताई ये वजहमैं तमाम मुस्लिम नौजवानों से अपील करता हूं कि कॉकरोच जनता पार्टी के होने वाले धरना-प्रदर्शन से दूरी बनाएं और भाग न लें, क्योंकि पिछले दिनों हुए धरना-प्रदर्शन में हिंसा भड़की थी, जिन चंद मुसलमानों ने शिरकत की थी उनको बाद में बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा था. इसी तजुर्बे की बुनियाद पर दिल्ली के नौजवानों और खास तौर पर दिल्ली से सटे हुए जनपदों में रहने वाले और काम करने वाले नौजवानों से कह रहा हूं कि वे हरगिज-हरगिज जंतर-मंतर न जाएं.’मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन ने अपने बयान में आगे कहा, ‘धरना देना और अपनी आवाज बुलंद करना हमारा संवैधानिक अधिकार है, ये चीजें उसी वक्त तक सही रहती हैं, जब तक एहतेजाज शांतिपूर्वक हो, अगर एहतेजाज अशांति में बदल जाए तो फिर उसका कोई महत्व नहीं रह जाता. मुस्लिम नौजवान इस तरह के धरना-प्रदर्शन से अपने आप को अलग रखें.’






