शक्ति जिले में अब नए नियमों के तहत किसानों को मिलेगा यूरिया खाद.शासन के निर्देश पर बनाई गई नई गाइडलाइन.जिला प्रशासन ने कहा- कालाबाजारी पर लग सकेगी रोक. कलेक्टर साहब के मार्गदर्शन में उपसंचालक कृषि प्रधान ने दी जानकारी

शक्ति जिले में अब नए नियमों के तहत किसानों को मिलेगा यूरिया खाद.शासन के निर्देश पर बनाई गई नई गाइडलाइन.जिला प्रशासन ने कहा- कालाबाजारी पर लग सकेगी रोक. कलेक्टर साहब के मार्गदर्शन में उपसंचालक कृषि प्रधान ने दी जानकारी

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -आगामी खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरक वितरण के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खाड़ी देशों में चल रहे तनावपूर्ण हालातों के बीच किसानों को सही समय पर और समान मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन ने इस बार कड़े और व्यवस्थित नियम बनाए हैं। कृषि उप संचालक श्री तरुण कुमार प्रधान ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को रोकने तथा भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए किसानों को संतुलित खाद उपयोग, हरी खाद और जैव उर्वरकों जैसे नील हरित शैवाल के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार किसानों को मिलने वाले यूरिया और डीएपी की मात्रा पिछले खरीफ सीजन 2025 में प्राप्त खाद के आधार पर तय की जाएगी। किसानों को प्रारंभिक चरण में पिछले वर्ष की कुल मात्रा का 80 प्रतिशत पारंपरिक यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। शेष 20 प्रतिशत आपूर्ति उपलब्धता के अनुसार दी जाएगी, अन्यथा उसके स्थान पर नैनो यूरिया का विकल्प रहेगा। वहीं डीएपी पिछले वर्ष की मात्रा का केवल 60 प्रतिशत ही मिलेगा तथा शेष 40 प्रतिशत की पूर्ति वैकल्पिक एनपीके खाद या नैनो डीएपी के माध्यम से की जाएगी। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत खाद का उपयोग केवल कृषि कार्यों के लिए ही किया जा सकेगा। यदि किसी प्रकार का अवैध भंडारण या गैर-कृषि कार्यों में उपयोग पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी किस्त पहली किस्त के 20 दिन बाद मिलेगी

बड़े कृषकों को 5 एकड़ से अधिक भूमि होने पर यूरिया तीन किस्तों में दिया जाएगा तथा प्रत्येक किस्त के बीच 20 दिनों का अंतर रहेगा। किसानों को मिलने वाली खाद की मात्रा की गणना बोरी संख्या के आधार पर की जाएगी। यदि गणना में दशमलव आता है तो उसे निकटतम पूर्ण संख्या में माना जाएगा। उदाहरण के तौर पर 7.2 बोरी होने पर 7 बोरी और 7.8 बोरी होने पर 8 बोरी खाद प्रदान की जाएगी।

नैनो यूरिया और नैनो डीएपी पूरी तरह वैकल्पिक

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी किसान को नैनो यूरिया या नैनो डीएपी लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। यह पूरी तरह किसान की इच्छा पर निर्भर रहेगा। खाद की कालाबाजारी रोकने और बड़े स्तर पर भंडारण पर नियंत्रण के लिए भूमि के आधार पर वितरण व्यवस्था तय की गई है। सीमांत कृषकों को 2.5 एकड़ तक निर्धारित खाद की पूरी मात्रा एकमुश्त उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि 2.5 से 5 एकड़ तक के लघु कृषकों को यूरिया दो किस्तों में दिया जाएगा।

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