राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण में क्रांति कुमार कालेज के स्वयं सेवको ने बाराद्वार पहॅूचकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रान्ति कुमार भारतीय के बारे में ली जानकारी

राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण में क्रांति कुमार कालेज के स्वयं सेवको ने बाराद्वार पहॅूचकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रान्ति कुमार भारतीय के बारे में ली जानकारी

शक्ति -संस्कृति मंत्रालय के द्वारा पांडुलिपि सर्वेक्षण का कार्य कराया जा रहा है, जिसके तहत कलेक्टर अमृत विकास टोपना एवं शहीद नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ के कुलपति प्रो विनय चौहान के निर्देशन एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ रविंद्र कौर चौबे के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक प्रो सोमेश कुमार घिटोड़े के नेतृत्व में 4 मई को किशन राठौर, संध्या चौहान, बिट्टू राठौर, लोकेश साहू, प्रभात यादव सहित सभी स्वयं सेवकों ने पांडुलिपि सर्वेक्षण में अपनी सहभागिता निभाते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रान्ति कुमार भारतीय के बारे में जानकारी लेने सोमवार को बाराद्वार के सेवानिवृत प्राध्यापक घनश्याम अग्रवाल के निवास पहॅूचे। इस दौरान उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रान्ति कुमार भारतीय जी उनके घर में ही रहते थे, यहीं रहकर वे अपना स्वतंत्रता संग्राम के लिए कार्य किए, उनके नाम से जिले का अग्रणी शासकीय महाविद्यालय सक्ती जाना जाता है। उन्होंने बताया कि वे 6 साल तक आंदोलन करने के कारण जेल में रहे। उनकी कुछ डायरी के लेख, ताम्र पत्र भी प्राप्त हुए। आगे उन्होंने बताया कि बहुत से दस्तावेज दीमक खा गये। वे गरम दल के क्रांतिकारी थे, वे मूलतः बंगाल से थे। पांडुलिपि सर्वेक्षण के जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रो सोमेश कुमार घिटोड़े के साथ सभी स्वयं सेवको ने जनभागीदारी सदस्य विधायक प्रतिनिधि प्रकाश अग्रवाल की अगुवाई में घनश्याम अग्रवाल से मूलाकात करते हुए खास बातचीत की गई। उल्लेखनीय है कि विधायक प्रतिनिधी प्रकाश अग्रवाल के द्वारा पूर्व में कालेज में आयोजित होने वाली बैठको में भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रान्ति कुमार भारतीय की जीवनी से सभी कालेज के छात्रो को अवगत कराने एवं कालेज परीसर में उनकी आदमकद प्रतीमा लगाये जाने का आग्रह किया गया था। 4 मई को मूलाकात के दौरान प्रकाश अग्रवाल, घनश्याम अग्रवाल एवं जिला संगठक राष्ट्रीय सेवा योजना प्रो सोमेश कुमार घिटोड़े ने क्रांति कुमार भारतीय जी की संग्रहालय महाविद्यालय में स्थापित करने के बारे में चर्चा की, जिस पर शीघ्र निर्णय लेने की बात कही। वही स्वयं सेवकों द्वारा ग्यानभरतम् एप में इसकी जानकारी अपलोड की गई। जिले में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आगे सक्ती राजमहल, गूंजी तीर्थ, अष्टभुजी मंदिर का सर्वेक्षण किया जायेगा।

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