बैंकों की मनमानी से कैसे पूरा होगा प्रधानमंत्री जी का सपना- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने बैंकों के चक्कर लगाने के बाद भी हितग्राहियों का नहीं हो रहा काम. छत्तीसगढ़ में 5 लाख कनेक्शन के टारगेट में अभी तक पूरा हुआ टोटल 50 हजार. बैंकों की मनमानी के चलते वेंडर काम छोड़ने को तैयार

बैंकों की मनमानी से कैसे पूरा होगा प्रधानमंत्री जी का सपना- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने बैंकों के चक्कर लगाने के बाद भी हितग्राहियों का नहीं हो रहा काम. छत्तीसगढ़ में 5 लाख कनेक्शन के टारगेट में अभी तक पूरा हुआ टोटल 50 हजार. बैंकों की मनमानी के चलते वेंडर काम छोड़ने को तैयार kshititech
बैंकों की मनमानी से कैसे पूरा होगा प्रधानमंत्री जी का सपना- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने बैंकों के चक्कर लगाने के बाद भी हितग्राहियों का नहीं हो रहा काम. छत्तीसगढ़ में 5 लाख कनेक्शन के टारगेट में अभी तक पूरा हुआ टोटल 50 हजार. बैंकों की मनमानी के चलते वेंडर काम छोड़ने को तैयार kshititech

बैंकों की मनमानी से कैसे पूरा होगा प्रधानमंत्री जी का सपना- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने बैंकों के चक्कर लगाने के बाद भी हितग्राहियों का नहीं हो रहा काम. छत्तीसगढ़ में 5 लाख कनेक्शन के टारगेट में अभी तक पूरा हुआ टोटल 50 हजार

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -भारत देश में लोगों को सौर ऊर्जा के प्रति प्रोत्साहित करने की दिशा में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से प्रत्येक राज्यों के एक-एक गांव तक आम बिजली उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित किया तथा इसके लिए व्यापक रूप से प्रचार प्रसार भी किया गया। एवं विद्युत विभाग भी इस योजना को लेकर काफी सक्रिय नजर आया।किंतु सरकार एवं विद्युत विभाग की इन कोशिशो के बावजूद कहीं ना कहीं बैंक प्रबंधन की मनमानी एवं तानाशाही के चलते आज इस योजना का लाभ लेने वाले हितग्राहियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तथा हितग्राही जहां बैंकों के चक्कर लगाए जा रहे हैं। तो वहीं भारी गर्मी में भी जहां इस योजना का लाभ देने के लिए बैंकों को स्वयं रुचि लेनी चाहिए। तो वही मामला कुछ और ही है। आज स्थिति यह है कि महीनो-महीनो तक हितग्राहियों की प्रकरण बैंकों में लंबित पड़े हैं। तथा बैंक के अधिकारी- कर्मचारी आ जाना कल आना का कर हितग्राहियों को घूमा रहे हैं। जिसके चलते हितग्राहियों का जो आकर्षण पीएम सूर्य घर योजना के प्रति दिखना चाहिए। वैसा कुछ नजर नहीं आ रहा है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट पीएम सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना जिसे लेकर छत्तीसगढ़ को 5 लाख कनेक्शन का टारगेट मिला हुआ है वहीं अब तक प्रदेश के 1200 वेंडरों ने कुल मिलाकर 50000 कनेक्शन भी अब तक पूर्ण नहीं किए हैं, इसका मुख्य कारण बैंक अधिकारियों की सुस्ती और लापरवाही उन्हें प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट और महत्वपूर्ण सोलर योजना से कोई लेना-देना नहीं वह अपने कार्य में इस प्रकार से मशगूल है कि उन्हें जनता के द्वारा किए जा रहे लोन हेतु प्रयास पर केवल आश्वासन दिया जा रहा है।कुछ दिन बाद आना, फील्ड ऑफिसर अभी खाली नहीं है, 15 दिन लग जाएगा, इस तरह से वाक्य कहकर हितग्राहियों को भ्रमित किया जा रहा है।कई हितग्राही बैंक वालों के इस रवैया से त्रस्त होकर वेंडर के माध्यम से अपना आवेदन तक निरस्त करवा रहे हैं कुछ तो बैंक वालों के झमेले में नहीं पढ़ने को लेकर लोगों को सलाह देते भी दिख रहे हैं।प्रदेश में सोलर के 1200 वेंडर होने के बावजूद प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट का हाल बेहाल है इसी तरह अगर हालात रहे तो 5 लाख का टारगेट पूरा होने में काम से कम 10 साल का समय और लगेगा।बहुत आसान सी प्रक्रिया होने के बाद भी बैंकों के द्वारा इस तरह हितग्राहियों को नचाया जा रहा है कि वेंडर भी अब त्रस्त हो रहे हैं कई वेंडर ने अपना काम छोड़ने का फैसला किया है क्योंकि अगर बैंक के द्वारा लोन प्रक्रिया नहीं होगी तो उनका शटर गिरना तय है। इस दिशा में समस्त जिला कलेक्टरों को छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा सचिव और मुख्यमंत्री जिनके स्वयं का ऊर्जा विभाग है उन्हें इस ओर ध्यान देने की सख्त जरूरत है कि वह बैंक वालों को सीधा दिशा निर्देश जारी करें कि किसी भी हितग्राहियों को अधिकतम आठ कार्य दिवस में हर हाल में लोन प्रक्रिया पूर्ण करके वेंडर के खाते में पैसा डालें ताकि वेंडर सही समय में सोलर सिस्टम लगवा कर हितग्राही को उसे बिजली बिल से राहत दिलवा सके।अभी गर्मी का पिक टाइम है जब आमजन को भारी भरकम बिल चुकाना पड़ता है इस दौरान भी अगर बैंक वाले लापरवाही करेंगे तो उसका सीधा बोझ आम जनता के जेब पर पड़ेगा और इसकी जिम्मेदारी बैंक की होगी

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