शक्ति जिले के वेदांता हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया दुःख व्यक्त.छत्तीसगढ़ सरकार मृतको के परिवारों को 5-5 लाख एवं घायलों को देगी 50-50 हजार की सहायता राशि. बिलासपुर कमिश्नर करेंगे पूरे मामले की जांच.08 बिंदुओं में जांच कर 30 दिन में देनी होगी मामले की रिपोर्ट



शक्ति जिले के वेदांता हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया दुःख व्यक्त.छत्तीसगढ़ सरकार मृतको के परिवारों को 5-5 लाख एवं घायलों को देगी 50-50 हजार की सहायता राशि. बिलासपुर कमिश्नर करेंगे पूरे मामले की जांच.08 बिंदुओं में जांच कर 30 दिन में देनी होगी मामले की रिपोर्ट
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -शक्ति जिले के सिंघीतराई में 14 अप्रैल को हुए वेदांता पावर में ब्रायलर फटने से हादसे पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस दुर्घटना में श्रमिकों के निधन एवं कई लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा उनके परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में प्रशासन की निगरानी में तेजी से राहत कार्य संचालित किया जा रहा है और घायलों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो तथा आवश्यकतानुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस दुर्घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाए और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सक्ती हादसे में मृतकों के परिजन को 5 – 5 लाख और घायलों को 50 – 50 हजार रुपए सहायता राशि की घोषणा की।कमिश्नर बिलासपुर को जांच के दिए आदेश
शक्ति -सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक बताते हुए हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5 – 5 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। साथ ही, हादसे में घायल हुए श्रमिकों को 50 – 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर बिलासपुर को जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी बनाए हुए है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
वेदांता पावर प्लांट हादसे की दंडाधिकारी जाँच का आदेश जारी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर ने जारी किया आदेश।एसडीएम डभरा होंगे जाँच अधिकारी, प्रमुख आठ बिंदुओं पर जाँच कर 30 दिनों में देंगे रिपोर्ट
शक्ति -जिला सक्ती अंतर्गत तहसील डभरा के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में दिनांक 14 अप्रैल 2026 को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में बॉयलर के स्टीम पाईप के वाटर सप्लाई पाईप के ज्वांट में तकनीकी खराबी होने से दुर्घटना में 34 श्रमिक प्रभावित हुए, जिसमें से 12 श्रमिकों की मृत्यु हो गई है। शेष घायल श्रमिकों का फोर्टिस जिंदल अस्पताल रायगढ़, आपेक्स अस्पताल रायगढ़ एवं बालाजी मेट्रो अस्पताल रायगढ़ में इलाज जारी है। उक्त दुर्घटना में श्रमिकों की मृत्यु एवं घायल होने की घटना की जांच हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अमृत विकास तोपनो ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 196 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए दण्डाधिकारी जांच करने का आदेश दे दिया है तथा अधोलिखित बिन्दुओं पर जांच के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी, डभरा श्री विनय कुमार कश्यप को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।जांच में यह परीक्षण किया जाएगा कि घटना कब और कैसे घटित हुई, घटना दिनांक को घटना स्थल पर कौन-कौन मजदूर कार्यरत थे तथा किन-किन मजदूरों की मृत्यु एवं कौन-कौन घायल हुए। साथ ही उन परिस्थितियों का विश्लेषण किया जाएगा जिनके फलस्वरूप यह घटना घटित हुई। सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जिला जांजगीर चांपा व सक्ती द्वारा उत्पादन प्रारंभ होने से लेकर घटना दिनांक तक किए गए निरीक्षणों की भी समीक्षा की जाएगी तथा यह देखा जाएगा कि निरीक्षण के दौरान कोई खामियां पाई गई थीं या नहीं, और यदि पाई गई थीं तो उन पर क्या कार्यवाही की गई। इसके अतिरिक्त घटना के कारणों का निर्धारण करते हुए यह स्पष्ट किया जाएगा कि दुर्घटना तकनीकी कारणों से हुई या मानवीय त्रुटि के कारण। साथ ही यह भी निर्धारित किया जाएगा कि इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार हैं। भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक रोकथाम उपाय एवं सुझाव भी प्रस्तुत किए जाएंगे, साथ ही अन्य आवश्यक बिंदुओं पर भी जांच अधिकारी अपना अभिमत प्रस्तुत करने कहा गया है। जांचकर्ता अधिकारी को यह आदेशित किया गया है कि वे 30 दिनों के भीतर जांच पूर्ण कर अपना जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।



