सुनसान पड़ा है शक्ति का उप पंजीयन कार्यालय, फरवरी महीना खत्म होने को, फिर भी लोगों में नहीं है रजिस्ट्री करवाने को लेकर रुझान, जमीनों की बढ़ी सरकारी कीमतों के चलते भी दिख रहा विपरीत असर, रिनोवेशन का भी काम हो रहा कार्यालय में, सोने- चांदी की कीमतों में उछाल से भी रियल एस्टेट कारोबारी कर गए हैं पलायन



सुनसान पड़ा है शक्ति का उप पंजीयन कार्यालय, फरवरी महीना खत्म होने को, फिर भी लोगों में नहीं है रजिस्ट्री करवाने को लेकर रुझान, जमीनों की बढ़ी सरकारी कीमतों के चलते भी दिख रहा विपरीत असर
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती-जिला मुख्यालय शक्ति के उप पंजीयक कार्यालय में जहां विगत वर्षों में फरवरी महीने में जमीनो की रजिस्ट्री करवाने वालों की लंबी लाइने लगी रहती थी, तो वहीं आज यह स्थिति है की रजिस्ट्री कार्यालय वीरान पड़ा हुआ है, तथा लोगों में जमीनों की रजिस्ट्री करवाने को लेकर कोई उत्साह नजर नहीं आ रहा है,वही फरवरी महीना खत्म होने को है, तथा मार्च महीने में तो विगत वर्षों का आंकड़ा देखा जाए तो जमीनों की रजिस्ट्री का बहुत ज्यादा प्रेशर होता था, किंतु लोगों का कहना है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जमीनों की रजिस्ट्री में सरकारी कीमतों में भारी बढ़ोतरी के चलते आज लोग रजिस्ट्री नहीं करवा रहे हैं, साथ ही प्रदेश में विगत कई महीनो से लगातार जमीनों की सरकारी कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर चर्चाएं जोरों से है ,तथा प्रदेश सरकार ने विगत दिनों कोरबा एवं रायपुर जिले में बढ़ाई गई कीमतों को कम भी किया था, किंतु शक्ति जिले में इसका कोई नया आदेश नहीं आया है, तथा लोगों को इस बात की उम्मीद है कि छत्तीसगढ़ शासन शक्ति जिले में भी बड़ी हुई सरकारी जमीनों की कीमतों को कम करेगी तो फिर से एक बार उप पंजीयक कार्यालय में रौनक देखने को मिलेगी
वहीं वीरान पड़े कार्यालय में अधिकारी, कर्मचारी भी असमंजस की स्थिति में है, कि आखिरकार यह क्या हो रहा है, वहीं जिला मुख्यालय शक्ति जमीनों की रजिस्ट्री के मामले में प्रदेश में सर्वाधिक राजस्व देने वाला जिला है, तथा पूर्व में जब शक्ति को जिले का दर्जा नहीं मिला था उसके बावजूद उप पंजीयक कार्यालय में क्षेत्र के लोग रजिस्ट्री करवाने के लिए भारी संख्या में आते थे, जिससे शासन को भी काफी राजस्व प्राप्ति होती थी, किंतु आज जमीनों की रजिस्ट्री नहीं होने के चलते शासन के खजाने में भी कहीं ना कहीं राशि नहीं आ रही है, एवं ऐसे में शासन द्वारा दिया गया लक्ष्य भी पूर्ण नहीं हो पाएगा
वही रियल स्टेट कारोबार से जुड़े तकनीकी जानकारों का यह भी कहना है कि पिछले महीनो सोना चांदी की बढ़ती कीमतों के चलते लोगों ने जमीनों के धंधे को छोड़कर सोना चांदी के धंधे में भी अपना पैसा लगाना चालू कर दिया, जिसके चलते जमीनों की होने वाली रजिस्ट्री भी काफी प्रभावित हुई है, एवं जो लोग जमीनों में इन्वेस्टमेंट के हिसाब से पैसे लगाते थे, उनका रुझान अब सोने चांदी के बाजार में ज्यादा है,एवं रियल स्टेट का कारोबार इसी के चलते ठंडा पड़ा हुआ है



