छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तावित पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लेकर कांग्रेस महामंत्री कन्हैया अग्रवाल का बड़ा बयान, कन्हैया ने कहा- नाम बदलने से नहीं दृढ़ इच्छा शक्ति से खत्म होगा अपराध,छत्तीसगढ़ में भी है महाराष्ट्र की कमिश्नर प्रणाली की जरूरत


छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तावित पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लेकर कांग्रेस महामंत्री कन्हैया अग्रवाल का बड़ा बयान, कन्हैया ने कहा- नाम बदलने से नहीं दृढ़ इच्छा शक्ति से खत्म होगा अपराध,छत्तीसगढ़ में भी है महाराष्ट्र की कमिश्नर प्रणाली की जरूरत
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने रायपुर पुलिस विभाग में कमिश्नर प्रणाली लागू किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि पदनाम बदलने से पहले अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ सरंक्षण पर रोक की जरूरत है,प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ जहां अपराधियों का गढ़ बन गया है वहीं राजधानी रायपुर अपराधियों की शरण स्थली और मुख्यालय हो गई है । राजधानी में अवैध शराब, गांजा, सट्टा, जुआ के साथ अफीम चरस का कारोबार गली-गली में फैलने के साथ ही अब तो हेरोइन और अन्य मादक पदार्थ भी सामान्य रूप से मिलने लगे हैं । नशे के धंधे में कब्जे की होड़ ,सट्टा खिलाने के लिए एरिया में कब्जे की होड़ ने अपराध के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं । एक दिन भी ऐसा नहीं गुजर रहा है जिस दिन शहर के अंदर चाकूबाजी, लूट, डकैती, हत्या , बलात्कार जैसी वारदात नहीं हो रही हो । छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराधों खास तौर पर राजधानी रायपुर में बढ़ते अपराध पर रोक लगाने के लिए प्रदेश के मुखिया ने पुलिस में कमिश्नर प्रणाली लागू करने रायपुर से शुरुआत करने की घोषणा की है
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने कहा है कि माननीय मुख्यमंत्री जी केवल पद नाम बदलकर या बड़े अफसर को बैठाकर अपराध पर नियंत्रण नहीं पाया जा सकता । अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ संरक्षण देना बंद करने की जरूरत है । अपराध और अपराधियों को मिलने वाला संरक्षण जब तक बंद नहीं होगा तब तक किसी भी प्रणाली से राज्य में कानून व्यवस्था बहाल नहीं हो पाएगी प्रदेश में उड़ीसा की कमिश्नर प्रणाली लागू किए जाने की चर्चा है जबकि महाराष्ट्र की कमिश्नर प्रणाली को बेहद कारगर माना जाता है माननीय मुख्यमंत्री को इस संदर्भ में विचार करके प्रदेश के लिए देश की सर्वश्रेष्ठ कमिश्नर प्रणाली को लागू करना चाहिए । अवैध धंधा करने वालों के साथ कमीशन और हिस्सेदारी का जब तक खात्मा नहीं होगा तब तक कोई प्रणाली कारगर साबित नहीं होगी


