नया साल सरकार के लिए बन रहा हड़ताल के नाम पर मुसीबत- जांजगीर- चांपा जिले के सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा,काम के लिए दिनभर भटकते रहे नागरिक, सरकारी कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के सदस्य अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर, संघ के डॉक्टर रविंद्र द्विवेदी ने कहा- ठगा सा महसूस कर रहे हैं कर्मचारी




नया साल सरकार के लिए बन रहा हड़ताल के नाम पर मुसीबत- जांजगीर- चांपा जिले के सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा,काम के लिए दिनभर भटकते रहे नागरिक, सरकारी कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के सदस्य अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर, संघ के डॉक्टर रविंद्र द्विवेदी ने कहा- ठगा सा महसूस कर रहे हैं कर्मचारी
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती-छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर जांजगीर चांपा जिले में जिले भर के शासकीय विभागों के कर्मचारी-अधिकारी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। फेडरेशन के जिला संयोजक श्री विश्वनाथ परिहार, जिला महासचिव श्री अर्जुनसिंह क्षत्रीय एवं सह-संयोजक डॉ. व्ही.के. पैगवार के सक्षम नेतृत्व एवं सशक्त अगुवाई में आंदोलन का आज दूसरा दिन रहा। हड़ताल के कारण जिला कलेक्टर कार्यालय अंतर्गत लगभग सभी विभागों जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कृषि, स्वास्थ्य, राजस्व, आदिम जाति, पशु चिकित्सा विभाग, समग्र शिक्षा वन विभाग,सहित अधिकांश कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा।परिणामस्वरूप शासकीय कार्य पूरी तरह ठप रहे और आवश्यक कार्यों से पहुंचे नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।दूसरी ओर कर्मचारियों-अधिकारियों ने कचहरी चौक मैदान में धरना देकर शासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया।
*धरना-आंदोलन स्थल पर राज्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष श्री अरुण तिवारी, प्रांतीय संगठन मंत्री एवं प्रांताध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय संघ, कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक श्री विश्वनाथ परिहार, जिला महासचिव श्री अर्जुनसिंह क्षत्रीय, छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रवक्ता श्री ओमप्रकाश शर्मा, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. रविंद्र द्विवेदी सहित विभिन्न विभागों के जिलाध्यक्षों एवं कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मंच से फेडरेशन को संबोधित किया।प्रांतीय संगठन मंत्री एवं प्रांताध्यक्ष लिपिक वर्गीय संघ, श्री रोहित तिवारी जी ने कहा कि
शासन-प्रशासन की नीतिगत उदासीनता और कर्मचारी विरोधी निर्णयों के कारण आज प्रदेश का कर्मचारी वर्ग स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। वर्षों से लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी लगातार संवाद और शांतिपूर्ण आंदोलन करते रहे, किंतु सरकार द्वारा केवल आश्वासन दिए गए, समाधान नहीं।श्री तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही कर्मचारियों की जायज मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो लिपिक वर्गीय संघ फेडरेशन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन को और अधिक व्यापक तथा निर्णायक रूप देगा। कर्मचारी एकजुट हैं और अपने अधिकारों के लिए अंतिम परिणाम तक संघर्ष करेंगे।राज्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष श्री अरुण तिवारी ने कहा-विनय न मानत जलधि सम गये तीन दिन बीती।बोले राम सकोप तब भय बिनु होई न प्रीति।”उन्होंने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे थे, किंतु शासन द्वारा लगातार टाल-मटोल किए जाने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। बार-बार आश्वासन दिए गए, परंतु धरातल पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी उपेक्षा के चलते कर्मचारियों को आंदोलन का मार्ग अपनाना पड़ा है। यह हड़ताल बुधवार तक जारी रहेगी कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक श्री विश्वनाथपरिहार ने कहा कि सरकार ने “मोदी की गारंटी” के तहत कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का वादा किया था, किंतु दो वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई ठोस पहल नहीं की गई। इससे कर्मचारी-अधिकारियों में गहरा असंतोष है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए जिले के सभी कर्मचारी नेता एकजुट हैं और हर हाल में शासन से जायज मांगों को मनवाया जाएगा
सह-संयोजक डॉ. व्ही.के. पैगवार ने छत्तीसगढ़ शासन से पुरानी पेंशन योजना को अविलंब लागू करने, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के नियमितीकरण, लंबित महंगाई भत्ते के एरियर का नकद भुगतान, सातवें वेतन आयोग की वेतन विसंगतियों के निराकरण, तथा सीधी रिक्त पदों पर स्थायी भर्ती सहित सभी 11 सूत्रीय मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की,धरना-प्रदर्शन के दौरान अन्य कर्मचारी नेताओं एवं संगठनों के पदाधिकारियों ने भी शासन की नीतियों पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा।आज फेडरेशन द्वारा आयोजित धरना आंदोलन अवसर पर आलोक दुबे,डॉ रविंद्र द्विवेदी, विजय कश्यप,जीआर कर्ष, पवन सिंह चंदेल लोमश श्रीवास यू एस राठिया मनोज यादव,निधीलता जायसवाल , श्रीमती मनीषा राठौर, श्रीमती शांति थवाईत, श्रीमती संजू अमर महंत,दाई लाल राठौर अश्वनि राठौर ,जी एस उपाध्याय,दिनेश सोनवान, विकास सिंह ,विनोद पाण्डेय, सुधीर कुमार सुकदेव,अर्जुन लाल राठौर ,शरद राठौररामकिशोर शुक्ला, एपीसी हेमलता शर्मा, धर्मेंद्र यादव, सुरेश पंडा, उमेश कुमार साहू लक्ष्मीनारायण तिवारी, सहित भारी संख्या में कर्मचारी अधिकारीगण उपस्थित थे।उक्ताशय की जानकारी छतीसगढ शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ रविंद्र द्विवेदी ने दी हैं।




