*G L NEWS*छत्तीसगढ़रायपुरसक्तीसामाजिक

बाराद्वार में देवी भागवत कथा-माया से मुक्ति महामाया की शरण से ही संभव, पंडित नंदकिशोर पांडेय, कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व विधायक डॉक्टर खिलावन साहू सहित दिग्गज हस्तियां भी पहुंची कथा श्रवण करने

बाराद्वार में देवी भागवत कथा-माया से मुक्ति महामाया की शरण से ही संभव, पंडित नंदकिशोर पांडेय, कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व विधायक डॉक्टर खिलावन साहू सहित दिग्गज हस्तियां भी पहुंची कथा श्रवण करने kshititech
बाराद्वार में चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा

बाराद्वार में देवी भागवत कथा-माया से मुक्ति महामाया की शरण से ही संभव, पंडित नंदकिशोर पांडेय

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती-बाराद्वार की पावन भूमि पर चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा में पूज्य पंडित नंदकिशोर जी पांडेय ने जीवन, शरीर और माया के गूढ़ रहस्यों पर अत्यंत हृदय-स्पर्शी प्रवचन दिया।गुरुदेव ने कहा कि मनुष्य कभी भी शरीर नहीं छोड़ना चाहता, भले ही वही शरीर तकलीफों का घर क्यों न बन जाए। जब शरीर संसार के किसी कार्य में नहीं रह जाता, तब भी हम उससे मोह छोड़ नहीं पाते। हमें लगता है कि संसार को हमारी आवश्यकता है—पर सत्य यह है कि जब हम इस संसार में नहीं थे, तब भी यह संसार चल रहा था और जब हम नहीं होंगे, तब भी यह चलता रहेगा।यही मोह ही माया है—‘मा’ अर्थात् नहीं, और ‘या’ अर्थात् जो है ही नहीं, वही माया है। यह माया मनुष्य को बाँधकर रखती है, और इस बंधन से मुक्ति केवल महामाया की शरण में जाकर ही संभव है। जिस प्रकार लोहे को काटने के लिए लोहा ही चाहिए, उसी प्रकार माया पर विजय पाने के लिए महामाया की कृपा और आराधना आवश्यक है।कथा के छठवें दिवस का वातावरण इतना भावुक था कि अनेक श्रोता स्वयं को भीतर तक स्पर्शित अनुभव कर रहे थे।

पूज्य पंडित कृष्ण मुरलीधर जी पांडेय का विशेष मंच संचालन

कथा पंडाल में पूज्य पंडित मुरलीधर जी पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति ने इस आध्यात्मिक आयोजन को और अधिक दैदीप्यमान बना दिया। मंच संचालन में उनकी वाणी का सौम्य तेज और आध्यात्मिक गंभीरता ने श्रद्धालुओं के भीतर भक्तिभाव की एक नई ज्योति प्रज्ज्वलित की। आयोजन समिति द्वारा उनके सतत मार्गदर्शन और प्रेरणा का विशेष रूप से स्वागत किया गया।

जिंदल परिवार का सराहनीय सहयोग

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में जिंदल परिवार का आत्मीय सहयोग निरंतर प्राप्त हो रहा है। सेवा, समर्पण और विनम्रता के अद्भुत संयोजन के साथ जिंदल परिवार ने कथा व्यवस्था, सत्संग आयोजन और भक्तों के स्वागत-सत्कार में जो योगदान दिया है, वह अनुकरणीय है।परिवार के प्रत्येक सदस्य की सेवा भावना से कथा पंडाल में श्रद्धा, सौहार्द और सहजता का वातावरण निर्मित हुआ है

बाराद्वार भी धर्म नगरी के रूप में रखता है अपनी पहचान

बाराद्वार की धरती इन दिनों सिर्फ कथा का स्थल नहीं, बल्कि भावों, भक्ति और आत्मचिंतन का दिव्य केंद्र बन चुकी है। कथा का संदेश हर श्रोता के हृदय को यह स्मरण कराता है कि माया का मोह तभी टूटता है जब हम महामाया की शरण में समर्पित हो जाएँ।पूज्य गुरुदेव के दिव्य वचनों ने लोगों को भीतर तक झकझोरते हुए जीवन को नए दृष्टिकोण से समझने का मार्ग दिखाया।

पूज्य गुरुदेव पंडित नंदकिशोर जी पांडेय देवी भागवत के अद्वितीय रस-प्रवक्ता

पूज्य गुरुदेव पंडित नंदकिशोर जी पांडेय का नाम लेते ही मन श्रद्धा से भर उठता है।देवी भागवत महापुराण पर उनकी पकड़, उनकी अनुभूति और उनकी दिव्य वाणी स्वयं में एक अलग पहचान रखती है। वे केवल कथावाचक नहीं, बल्कि माता भगवती के अद्भुत साधक हैं—जिनकी वाणी में भक्ति है, चिंतन है और जीवन को दिशा देने वाला अमृत-ज्ञान है।उनकी कथा में बैठते ही ऐसा लगता है मानो देवी स्वयं अपने कृपा-प्रकाश से हमारे हृदय को आलोकित कर रही हों। सरल शब्दों में गहनतम सत्य कह देने की क्षमता, प्रत्येक प्रसंग में जीवन-उद्धार का संदेश और श्रोताओं को भक्ति-भाव से सराबोर कर देने का सामर्थ्य—ये सब उन्हें विशिष्ट बनाते हैं।पूज्य गुरुदेव की कथा केवल सुनी नहीं जाती, उसे अनुभव किया जाता है। उनकी वाणी से निकला हर शब्द हृदय को स्पर्श करता है और मन को दिव्यता की ओर ले जाता है। यही कारण है कि देवी भागवत के संदर्भ में उनका नाम एक अनुकरणीय और प्रेरणादायी पहचान बन चुका है।माता रानी की कृपा से गुरुदेव जहाँ भी पधारते हैं, वहाँ भक्ति, शांति और ज्ञान की पावन धारा अविरल बहने लगती है

प्रातिक्रिया दे

Back to top button