आपदा में कैसी हो हमारी भूमिका- उड़ीसा के एनडीआरएफ की टीम ने महाविद्यालयिन विद्यार्थियों को दिया प्रशिक्षण, शक्ति जिले के विभिन्न स्थानों पर शासकीय क्रांति कुमार कॉलेज जेठा के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन, 4 अगस्त से हुआ प्रारंभ, 16 अगस्त तक चलेगा प्रशिक्षण, कलेक्टर टोपनो एवं डिप्टी कलेक्टर विश्वास कुमार भी रहे मौजूद




आपदा में कैसी हो हमारी भूमिका- उड़ीसा के एनडीआरएफ की टीम ने महाविद्यालयिन विद्यार्थियों को दिया प्रशिक्षण, शक्ति जिले के विभिन्न स्थानों पर शासकीय क्रांति कुमार कॉलेज जेठा के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन, 4 अगस्त से हुआ प्रारंभ, 16 अगस्त तक चलेगा प्रशिक्षण
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती-NDRF ओडिशा की टीम द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में शासकीय क्रान्ति कुमार भारतीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय सक्ति के प्राध्यापकों ,राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों और सभी छात्र छात्राओं को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन सम्बन्धी प्रशिक्षण दिया गया।सबसे पहले अमृत विकास टोपनो (कलेक्टर)NDRF के अधिकारी जितेंद्र कुमार , सुशील कुमार ( अधिकारी NDRF) विश्वास कुमार ( डिप्टी कलेक्टर) डॉ डी पी पाटले ( प्राचार्य ) का स्वागत बैच लगाकर कार्यक्रम आरम्भ किया गया।कलेक्टर महोदय का स्वागत प्रो डॉ शकुंतला राज,जितेंद्र कुमार का स्वागत विश्वास कुमार (डिप्टी कलेक्टर) सुशील कुमार का स्वागत डॉ डी पी पाटले प्राचार्य द्वारा, विश्वास कुमार(डिप्टी कलेक्टर) का संध्या चौहान और प्रिया मैत्री द्वारा प्राचार्य का स्वागत बैच लगाकर किया गया।कलेक्टर महोदय ने NDRF के कार्यों को बताते हुए कहा कि ये 24 घंटे सतत रूप से आपदा नियंत्रण में कार्य करते रहते है उनको धन्यवाद देते हुए कहा की आप कॉलेज के छात्र छात्राओं को स्टाफ को कलेक्ट्रेट स्टाफ को महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिए ।निश्चित रूप से यह सभी के लिए आपदा प्रबंधन में सहयोग करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी है।तत्पश्चात जितेंद्र कुमार ( NDRF अधिकारी ) ने NDRF की संपूर्ण जानकारी दिए , उनके कार्य ,संरचना,तरीका,के बारे में विस्तार से बताया ।उनकी टीम के द्वारा एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति, एक्सीडेंट में आंखों में चोट आने पर,हाथ पैर फ्रैक्चर होने पर, एक्सीडेंट में रक्त प्रवाह रोकने के उपाय,गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को सी पी आर चिकित्सा कैसे प्रदान करे,किसी के गले में कुछ फंस गया हो तो उसे निकलने के प्रारंभिक उपाय , बाढ़ के समय आवश्यक सावधानी और बचने के उपाय,नदी नालों में बहते हुए व्यक्ति को बचाने के उपाय के रूप में ट्यूब,प्लास्टिक बॉटल के उपयोग,के बारे में जानकारी छात्र छात्राओं को गतिविधि के माध्यम से करके दिखाया गया,आपातकाल में घायल व्यक्ति के लिए स्ट्रेचर का निर्माण कैसे करे इसको चादर का उपयोग करके बताया गया।सभी छात्रों ने गंभीरतापूर्वक प्रशिक्षण लिया।कार्यक्रम के संचालन प्रो सोमेश कुमार घिटोड़े (जिला संगठक राष्ट्रीय सेवा योजना) द्वारा किया गया।आभार प्रदर्शन प्रो ऋतु पटेल द्वार किया गया।कार्यक्रम में प्रो डॉ शकुंतला राजप्रो शत्रुघन अनंत प्रो ललित कुमार सिंह प्रो हेमपुष्पा चंद्रा प्रो सीमा साहू प्रो महेंद्र यादव प्रो डॉ हरिशंकर रजक प्रो यज्ञ राठिया प्रो अनिल खर्रा प्रो संतोष जांगड़े प्रो डॉ ज्योति कुशवाहा प्रो डॉ टी पी टंडन प्रो डॉ श्रुति तिवारी प्रो डॉ विद्याराय सागर, प्रो जी एस मैत्री, पल्लवी प्रधान,स्वयं सेवकों में संध्या चौहान,पायल, प्रिया मैत्री,बिट्टू,किशन, राठौर,बलदेव,प्रियंका,सूरज , जीतू सिडार, आनंद दास,सहित अन्य छात्र छात्राओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।







