छत्तीसगढ़रायपुरसक्ती

सक्ति के जेएलएनडी कालेज में विकसित भारत @2047: आनलाईन सुझाव प्रेषण एवं अनेक कार्यक्रमो का हुआ आयोजन, महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी दिए अपने सुझाव

<em>सक्ति के जेएलएनडी कालेज में विकसित भारत @2047: आनलाईन सुझाव प्रेषण एवं अनेक कार्यक्रमो का हुआ आयोजन</em>, महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी दिए अपने सुझाव kshititech
सक्ति के जेएलएनडी कॉलेज में विकसित भारत 2047 कार्यक्रम
<em>सक्ति के जेएलएनडी कालेज में विकसित भारत @2047: आनलाईन सुझाव प्रेषण एवं अनेक कार्यक्रमो का हुआ आयोजन</em>, महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी दिए अपने सुझाव kshititech
सक्ति के जेएलएनडी कॉलेज में विकसित भारत 2047 कार्यक्रम
<em>सक्ति के जेएलएनडी कालेज में विकसित भारत @2047: आनलाईन सुझाव प्रेषण एवं अनेक कार्यक्रमो का हुआ आयोजन</em>, महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी दिए अपने सुझाव kshititech
सक्ति के जेएलएनडी कॉलेज में विकसित भारत 2047 कार्यक्रम

सक्ति के जेएलएनडी कालेज में विकसित भारत @2047: आनलाईन सुझाव प्रेषण एवं अनेक कार्यक्रमो का हुआ आयोजन

सक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती-स्थानीय जे.एल.एन. डिग्री कालेज में नीति आयोग भारत सरकार एवं राजभवन तथा उच्चशिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के दिशानिर्देशों के अनुरुप विकसित भारत @2047 के तहत दिनांक 21 दिसंबर 2023 से 23 दिसंबर 2023 तक शपथ पत्र आनलाईन सुझाव प्रेषण, निबंध लेखन, भाषण, रंगोली, वाद-विवाद तथा रैली के माध्यम से विकसित भारत के संकल्पों की कल्पना को साकार करने के लिए भरपूर प्रचार-प्रसार किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शालू पाहवा के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में तथा विकसित भारत के नोडल अधिकारी डॉ. देवेन्द्र शुक्ला के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 से संबंधित शपथ पत्र का वाचन विभाग एवं कक्षानुसार किया गया

जिसमे महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं छात्रों ने हिस्सा लिया। विकसित भारत (@2047 द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रमों का सफल आयोजन महाविद्यालय के द्वारा शिक्षा स्वस्थ्य, टेक्नोलॉजी कृषि उद्योग पर्यावरण संसाधन का उपयोग ईमानदारी आदि क्षेत्रो के संबंध में अपने अपने विचारो के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने विचारों के माध्यम से सुझाव दिये कि कैसे भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाया जा सकता है,”मेरे सुझाव कार्यक्रम के अन्तर्गत छात्रो ने निबंध रंगोली, भाषण, वाद-विवाद एवं निबंध लेखन के माध्यम से महत्वपूर्ण सुझाव दिया तथा विकसित भारत का पर्याप्त प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने मे महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो. मेघनाथ जायसवाल, प्रो. मनीष राठौर, प्रो. सीमा नामदेव, प्रो. दुर्गा यादव, प्रो. निर्मला राठौर, प्रो. मंजू चन्द्रा, प्रो.भारती पाण्डेय, प्रो श्यामली राठौर तथा छात्र-छात्राओ में पप्पू खर्रा, अंजू यादव, योगेश, हुमेरा खान, कु.सविता, कु अंजू यादव, कुदेव कुमारी, कुचोलाश्री यादव, कु.काजल, कु.भारती कु. प्रिति चौहान, कु. कुमकुम सोनी, कु ज्योतिवर्षा बरेठ आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए सभी विधाओं मे सहभागीता दर्ज करायी

प्रातिक्रिया दे

Back to top button